Thursday, April 2, 2020

कोरोना: घर के अंदर जिंदगी और बाहर मौत है

जमशेदपुर। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सरकार, प्रशासन, स्वंयसेवी संस्था, हर कोई अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। लॉक डाउन का पालन भी हो रहा है। लापरवाही भी खूब बरती जा रही है। पढ़े लिखे लोग सोशल डिस्टेंस को नहीं समझ रहे। अधिकांश जान पर खेल कर दूसरों की मदद कर रहे हैं। फिर बड़ा तबका इस के खतरे से अनजान है।
जागरूक करने और जरूरतमंदों की।मदद करने में कोई पीछे नहीं है। दिल खोल कर लोग असहाय और मजबूर लोगों को खाना खिला रहे हैं। अब यह खतरनाक स्टेज में पहुंच रहा है। सतर्कता और अनुशासन से ही काबू होगा। घरों में रहना ही सबसे बड़ा बचा है। प्रधानमंत्री से लेकर हर कोई यही कह रहा है। शहर जमशेदपुर में अनुपालन सख्ती से हो रहा है। पुलिस और जिला प्रशासन सख्ती कर रही है। प्यार से समझा भी रही है। केस भी कर रही है और लोगों को जागरूक करने के साथ जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित कर रही है।
शहर के एक चित्रकार अशोक यादव ने सड़कों पर कोरोना (कोई भी सड़क पर ना निकलें) सन्देश लिख कर समझाने की अनोखी पहल की। अशोक ने कहा कि घर के अंदर जिंदगी है और बाहर मौत है। अब फैसला हमें खुद करना है।

Tuesday, March 10, 2015

शबनम बना दिया कभी शोला बना दिया
मेरी नज़र ने आपको क्या क्या बना दिया
बीमार दिल ने तुम को मसीहा बना दिया
काबा को उसने गोया कलीसा बना दिया।


ये पंक्तिया शैदा चीनी liu yung ven के हैं 
जिनका 8 मार्च 2015 को निधन हो गया। 
इनकी उर्दू सेवा को सलाम

Thursday, April 7, 2011


सर छुपाने के लिए घर तो बनाया जाये

हाँ मगर पेड़ से पंछी न उड़ाया जाये

Thursday, February 3, 2011

हाजी अब्दुल हकीम सुपृदे ख़ाक


जमशेदपुर में शिक्षा के सर्वांगीण विकासमें अग्रणी भूमिका निभाने वाले हाजी अब्दुल हकीम

3 फरवरी २०११ को धतकीडीह कब्रिस्तान में सुपुर्दे ख़ाक कर दिए गए। उनका २ फरवरी २०११ को यहाँ ८९ साल कि उम्र में इन्तेकाल हो गया था। उनके जनाज़े में हजारों लोग शामिल हुए। हाजी अब्दुल हकीम ने अलकबीर पोलिटेक्निक कॉलेज के साथ मुस्लिम फंड, कबीर कॉलेज, कबिरिया उर्दू स्कूल, कबीर मेमोरियल ट्रस्ट की स्थापना की थी। मुस्लिम लायेब्ररी की बुनियाद रखने में भी उनका ख़ास योगदान था.

Sunday, November 7, 2010

मार डाला हाय मार डाला

जमशेदपुर में आन्ध्र दिवस समारोह में एक नवम्बर २०१० को माँ टीवी फेम कलाकार चंद्रशेखर रेड्डी उर्फ़ चांदनी ने ...सिलसिला यह चाहत का...मार डाला हाय मार डाला...गाने पर मनभावन डांस पेश कर लोगों को मोहित कर दिया। पाकिस्तान तक धूम मचा चुकी चांदनी असल में है मेल आर्टिस्ट -पर फीमेल स्वरुप में अपनी मनमोहक अदाओं से उसने महफ़िल को न सिर्फ जवान कर दिया बल्कि हर दिल क़ी धड़कन को तेज कर दिया था । चंद्रशेखर रेड्डी ने बातचीत में बताया कि उसे फीमेल डांसर के रूप परफोर्मेंस करने से जो आत्मसंतुष्टि मिलती है वोह बयाँ नहीं कर सकता।

Saturday, November 6, 2010

मौके को कैच करने का हुनर जरुरी - रागिनी


तेलगु फिल्म और टीवी तारिका रागिनी ने आन्ध्र दिवस समारोह में एक नवम्बर को यहाँ कहा है कि फिल्मों से ज्यादा टीवी सीरियल लोगों का मनोरंजन करती हैं। महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण में टीवी सीरियल और शो मील का पत्थर साबित हो रही है।

कॉमेडी शो और सीरियल लोगों को जीने कि राह दिखा रही है। १५० तेलगु फिल्मों और ४५० टीवी सीरियल में काम कर चुकी रागिनी ने बातचीत में बताया कि तलेंट के आगे भाषा, जाति और प्रदेश कभी रुकावट नहीं बनती। तलेंट के लिए हर छेत्र में काफी संभावनाएं हैं, बार मौके को कैच करने का हुनर चाहिए।

हैदराबाद से जमशेदपुर आंध्र दिवस समारोह में हिस्सा लेने आयीं रागिनी ने युवा पीढ़ी से अपनी संस्कृति कि रक्षा के लिए सजग रहने का आह्वान किया है। उन्हें जमशेदपुर का जुबिली पार्क कभी पसंद आया। वों दुबारा टाटा आना चाहती हैं।

Sunday, October 3, 2010

इमानी अकीदे की हिफाजत फर्ज - मुफ्ती


इमानी अकीदे की हिफाजत करना मुसलमानों पर फर्ज है। अल्लाह ताला और उसके रसूल सल की शान में गुस्ताखी करने वाले मुसलमान नहीं हो सकते। यह बातें तंजीम अहले सुन्नत व जमात के जनरल सेक्रेटरी मुफ्ती जियाउल मुस्तफा ने पैगामे इस्लाम जलसे में ०२ अक्टूबर २०१० को कही। हुस्सैनी मोहल्लाह जमशेदपुर में उन्हों ने कहा कि इस्लाम मोहब्बत और अमन का पैगाम देता है। हुस्सैनी मस्जिद के इमाम मौलाना सैफुद्दीन अस्दक ने कहा कि अक्ल का सही इस्तेमाल होना चाहिए। सही इस्तेमाल से इंसान कामरान बन जाता है और गलत इस्तेमाल से दुनिया को तबाह व् बर्बाद कर देता है.