
इमानी अकीदे की हिफाजत करना मुसलमानों पर फर्ज है। अल्लाह ताला और उसके रसूल सल की शान में गुस्ताखी करने वाले मुसलमान नहीं हो सकते। यह बातें तंजीम अहले सुन्नत व जमात के जनरल सेक्रेटरी मुफ्ती जियाउल मुस्तफा ने पैगामे इस्लाम जलसे में ०२ अक्टूबर २०१० को कही। हुस्सैनी मोहल्लाह जमशेदपुर में उन्हों ने कहा कि इस्लाम मोहब्बत और अमन का पैगाम देता है। हुस्सैनी मस्जिद के इमाम मौलाना सैफुद्दीन अस्दक ने कहा कि अक्ल का सही इस्तेमाल होना चाहिए। सही इस्तेमाल से इंसान कामरान बन जाता है और गलत इस्तेमाल से दुनिया को तबाह व् बर्बाद कर देता है.
